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70,000 जवान, तीर्थयात्रियों पर AI की नजर…आंख भी उठा नहीं पाएगा दुश्मन, हाईटेक होगी अमरनाथ यात्रा

Amarnath Yatra 2025: पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जम्मू कश्मीर में भगवान शिव के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा करेगा. साथ ही, अमरनाथ यात्रा के दौरान पहली बार FRS की तैनाती की गई है. यह प्रणाली विशेष रूप से पहलगाम और बालटाल मार्गों पर और जम्मू से कश्मीर तक तीर्थयात्रियों के हर शिविर में शुरू की गई है.

Amarnath Yatra 2025: पहलगाम हमले के बाद वार्षिक अमरनाथ यात्रा को सुचारू और सुरक्षित तरीके से आयोजित करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने खुद दो समीक्षा बैठकें कीं और सुरक्षा और अन्य सुविधाओं पर चर्चा की गई और उन्हें अंतिम रूप दिया गया.

पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जम्मू कश्मीर में भगवान शिव के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा करेगा. 2025 में अमरनाथ यात्रा के लिए फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) की शुरूआत ने जम्मू और कश्मीर में अमरनाथ गुफा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा ढांचे में महत्वपूर्ण वृद्धि को चिह्नित किया. इस प्रणाली का उद्देश्य निगरानी कैमरों के साथ एकीकृत चेहरे की पहचान तकनीक का उपयोग करके वास्तविक समय में आतंकवादियों, ओवरग्राउंड वर्कर्स या अन्य ब्लैक लिस्टेड व्यक्तियों जैसे संभावित खतरों की पहचान करके तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाना है.

अमरनाथ यात्रा के दौरान पहली बार FRS की तैनाती की गई है. यह प्रणाली विशेष रूप से पहलगाम और बालटाल मार्गों पर और जम्मू से कश्मीर तक तीर्थयात्रियों के हर शिविर में शुरू की गई है. इसका मुख्य उद्देश्य वास्तविक समय में संदिग्ध आतंकवादियों, ओवरग्राउंड वर्कर्स या अन्य ब्लैकलिस्टेड व्यक्तियों सहित संभावित खतरों की पहचान करके सुरक्षा को मजबूत करना है.

FRS की शुरूआत 
FRS चेहरे की पहचान तकनीक से लैस उन्नत निगरानी कैमरों का उपयोग करता है, ताकि ज्ञात संदिग्धों के डेटाबेस के साथ चेहरों को स्कैन और मिलान किया जा सके. सिस्टम सक्रिय आतंकवादियों और सुरक्षा निगरानी सूची में शामिल अन्य व्यक्तियों की छवियों के साथ एकीकृत है, जिससे मिलान का पता चलने पर सुरक्षाबलों को तत्काल अलर्ट मिल जाता है. यह वास्तविक समय की पहचान क्षमता तीर्थयात्रा के दौरान संभावित खतरों पर तेजी से प्रतिक्रिया करने की क्षमता को बढ़ाती है. FRS की शुरूआत आतंकवादी खतरों का मुकाबला करने के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित पुलिसिंग की ओर बदलाव को दर्शाती है,

FRS स्थापित करने वाले ठेकेदार शाहिद अहमद ने कहा  ‘फेस रिकॉग्निशन सिस्टम कैमरा लगे है इसे पहचान होती है सब कुछ इसमें रिकॉर्ड रहता है फेस रिकॉर्ड रहता था. पहले जो कैमरा लगाते थे उसमें पता नहीं चलता था इसमें पहचान ज़्यादा है सब के चेहरे सेव रहते है जो कैमरा क्रॉस करता है बेटर सुरक्षा है पूरा सुरक्षा प्रबंध है यात्री सुरक्षित है यहां.’

रेडियो नेटवर्क और सैटेलाइट 
उच्च दृश्यता और क्षेत्र के चुनौतीपूर्ण भूभाग के कारण मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की गई है. इसलिए FRS के साथ-साथ, विशेष रूप से यात्रा मार्गों और बेस कैंपों पर हवाई और जमीनी निगरानी के लिए ड्रोन और CCTV कैमरे तैनात किए जाएंगे. एक समर्पित रेडियो नेटवर्क और सैटेलाइट फोन खराब मोबाइल कवरेज वाले क्षेत्रों में निर्बाध संचार सुनिश्चित करते हैं. संभावित आतंकी खतरों का मुकाबला करने के लिए जैमर को चुनिंदा रूप से तैनात किया जाता है.

 RFID टैग वाले तीर्थयात्रियों को ही तीर्थयात्रा के लिए जाने की इजाजत
रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग को अधिकारियों द्वारा उनकी गतिविधियों को ट्रैक करने, बेहतर भीड़ प्रबंधन और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. RFID टैग वाले तीर्थयात्रियों को ही तीर्थयात्रा के लिए जाने की अनुमति दी जाएगी.

RFID की खासियत
RFID प्रभारी  मानव धार ने कहा,  ‘जैसे ऑनलाइन केवाईसी होती है RFID कार्ड से हमे पता चलता है की बंदा सही है फेक है क्युकी हमारे पास आधार बेस्ड डेटा आता है और RFID हर साल की तरह इस साल भी मिलेगी इस साल कियोस्क मशीन भी लगाई गई है जो ऑन स्पॉट बांधे का फेस देख कर पहचान लेगी सुरक्षाबलों की तरफ़ से कैमरा लगे है. हर कोई अपने तरीक़े से पूरा काम कर रहा है. आज कल टेक्नोलॉजी का ज़माना है बहुत सी चीज़े लगे है. इस कैमरा में श्राइन बोर्ड ने डाटा पहले से डाल रखा है यही कैमरा गुफा पर भी लगे है. RFID के बिना किसको एंट्री नहीं मिलेगी कार्ड के बिना बैरिकेड नहीं खुलेगा.’

आधुनिक गैजेटरी के अलावा विशेष QRT (त्वरित प्रतिक्रिया दल) आपात स्थितियों का जवाब देने के लिए रणनीतिक बिंदुओं पर तैनात किए जाएंगे. जोखिमों को कम करने के लिए मार्गों और शिविरों की नियमित सफाई की जाएगी, साथ ही तोड़फोड़ विरोधी अभियान भी चलाए जाएंगे.

तीर्थ यात्रियों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था 
जम्मू कश्मीर पुलिस कर्मियों के अलावा, यात्रा को सुरक्षित करने के लिए अतिरिक्त 581 अर्धसैनिक बटालियन तैनात की गई हैं. इसमें बेस कैंप, पारगमन मार्ग और गुफा मंदिर की सुरक्षा शामिल है. तीर्थयात्रा अवधि के दौरान दोनों मार्ग और गुफा नो फ्लाई ज़ोन होंगे.

जम्मू से कश्मीर तक बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड के तहत 70,000 से अधिक जवान तैनात किए जाएंगे, जिनमें CAPF (CRPF, BSF, ITBP, SSB, CISF) के 42,000, J&K पुलिस के 15,000 और 15वीं कोर की सेना की इकाइयां शामिल हैं. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए जम्मू से कश्मीर तक बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड के तहत 70,000 से अधिक जवान तैनात किए जाएंगे.

प्राकृतिक और जलवायु चुनौतियों से निपटने के अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है। पहाड़ों पर प्रशिक्षित ITBP और सेना के कमांडो ऊंचाई वाले स्थानों पर तैनात हैं. त्वरित प्रतिक्रिया दल और बम निरोधक दस्ते 24/7 अलर्ट पर हैं. राजमार्गों (NH-44, NH-1) और यात्रा मार्गों पर 100 से अधिक चौकियां पहचान-पत्र और परमिट सत्यापित करेंगी. चंदनवारी और डोमेल जैसे प्रवेश बिंदुओं पर तलाशी अनिवार्य है. जम्मू से आधार शिविरों तक तीर्थयात्रियों के काफिले को सीआरपीएफ और सेना के वाहन सुरक्षा प्रदान करेंगे. शाम की असुरक्षित स्थितियों से बचने के लिए समय (सुबह 4 बजे से 10 बजे तक) का सख्ती से पालन किया जाता है.

पंजीकरण के लिए पूरे भारत में 540 से अधिक काउंटर
20,000 से अधिक टट्टूवाले, कुली और लंगर कर्मचारी पुलिस सत्यापन से गुजर चुके हैं जो तीर्थयात्रियों को सेवाएं प्रदान करेंगे, अजनबियों की घुसपैठ को रोकने के लिए उन्हें आधार से जुड़ी आईडी जारी की जाती है. सुरक्षा ग्रिड के अलावा अन्य सुविधाओं की तैयारी भी अंतिम चरण में है और यात्रा शुरू होने से पहले चालू हो जाएगी. पंजीकरण के लिए पूरे भारत में 540 से अधिक काउंटर बनाए गए हैं. तीर्थयात्री ऑनलाइन अग्रिम टोकन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे यात्रा परमिट तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित होगी. टोकन मार्ग-विशिष्ट (पहलगाम या बालटाल) और भीड़भाड़ से बचने के लिए तिथि-विशिष्ट हैं. नुनवान, चंदनवारी, शेषनाग, पंजतरणी, बालटाल, पंथ चौक जैसे प्रमुख पड़ावों पर टेंट/फैब्रिकेटेड/टिन कैंपों का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें उप-शून्य तापमान से निपटने के लिए बेहतर स्वच्छता और हीटिंग सुविधाएं हैं. बेहतर आश्रय के लिए उच्च ऊंचाई वाले शिविरों में पहले से तैयार झोपड़ियां लगाई जा रही हैं. इनमें बिजली आपूर्ति और चिकित्सा सुविधाओं जैसी सभी सुविधाएं हैं. हर 2 किमी पर 50 से अधिक चिकित्सा शिविर, जिनमें विशेषज्ञ, ऑक्सीजन बूथ और एम्बुलेंस हैं, स्थापित किए गए हैं. उच्च ऊंचाई वाली चिकित्सा इकाइयां तीव्र पर्वतीय बीमारी के लिए सुसज्जित हैं.

ठेकेदार ‘बशारत रफीक जो कैम्प बना रहा है ने कहा, ‘हमारे तीन कांट्रैक्ट थे तीन कम्पलीट हुए है एक का काम चल रहा. इस बार कंक्रीट डाला गया है नए शेड बने है एक नया हॉस्टल बना है. सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम है. इस बात यात्री को बेहतर सुविधा मिलेगी एक बिल्डिंग भी बनी है यहां भी यात्री रह सकते. हम यात्रियों का वेलकम करते रहे है इस बार भी करेगे दिल से वेलकम करते हैं.’

सैनिटेशन ठेकेदार देव राज ने कहा, ‘बहुत अछा तयारी हो रही है हमारे इस कैम्प में टॉयलेट बाथरूम्स यूरिनल्स लगाये गए है रहने की भी विवस्था कर दी गई है उन्हें किसी तरह की मुश्किल ना हो प्रशासन के लोग कश्मीर पुलिस सेवा में किसी प्रकार की कमी नहीं है. यात्रा जो आयेगा वो सुरक्षित यात्रा कर वापिस घर जाएँगे। यात्राओं ने हम निवेदन कर रहे है वो आए कुछ नहीं होगा.’

मुफ्त भोजन की सुविधा
देश भर के एनजीओ और स्थानीय समूहों द्वारा संचालित 100 से अधिक सामुदायिक रसोई (लंगर) दोनों मार्गों पर मुफ्त भोजन उपलब्ध कराएंगे. एसएएसबी गुणवत्ता नियंत्रण और स्वच्छता सुनिश्चित करता है. कनेक्टिविटी में सुधार के लिए शिविरों में सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटिंग और मोबाइल नेटवर्क बूस्टर लगाए जा रहे हैं. पावर बैकअप सिस्टम निर्बाध चिकित्सा और सुरक्षा संचालन सुनिश्चित करते हैं. जम्मू और कश्मीर राज्य सड़क परिवहन निगम (जेकेएसआरटीसी) जम्मू से बालटाल और नुनवान में बेस कैंपों तक 500 विशेष बसें चलाएगा.

Fastag Pass: एक्‍सप्रेस वे, NH या स्‍टेट हाइवे… कहां लागू होगा ₹3000 वाला एनुअल फास्‍टैग; गडकरी ने बता दी पूरी सच्‍चाई

Fastag Pass: एक्‍सप्रेस वे, NH या स्‍टेट हाइवे… कहां लागू होगा ₹3000 वाला एनुअल फास्‍टैग; गडकरी ने बता दी पूरी सच्‍चाई

Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया क‍ि इस योजना को देशभर में 15 अगस्‍त से लागू क‍िया जाएगा. पहले उम्‍मीद की जा रही थी क‍ि 3000 रुपये में जारी क‍िया जाने वाला फास्‍टैग एनुअल पास राष्‍ट्रीय राजमार्ग के साथ ही स्‍टेट हाइवे पर भी लागू होगा.

Annual Fastag Pass: जरा सोच‍िए, आप हाइवे से गुजर रहे हैं… टोल प्‍लाजा आया और आप ब‍िना रुके झट से न‍िकल गए. न फास्‍टैग से टोल टैक्‍स का पेमेंट करने की च‍िंता… न लाइन में लगकर इंतजार करना है. जी हां, ये सब सपना नहीं बल्‍क‍ि कुछ ही द‍िन में हकीकत में बदलने वाला है. केंद्रीय मंत्री न‍ित‍िन गडकरी ने इसको लेकर आज बड़ा ऐलान कर द‍िया है. 3000 रुपये में जारी क‍िया जाने वाले फास्‍टैग एनुअल पास (FasTag Annual Pass) से आपको हाइवे पर क‍िसी तरह के टोल का भुगतान नहीं करना होगा. जी हां, फास्‍टैग एनुअल पास पूरे 200 ट्र‍िप के ल‍िए वैल‍िड होगा. यानी इस तरह आपकी एक ट्र‍िप का खर्च महज 15 रुपये हुआ. लेक‍िन इस सालाना पास को लेकर लोगों में कई तरह के कंफ्यूजन हैं, आइए आपको इसके बारे में व‍िस्‍तार से बताते हैं.

जब से सरकार ने इस तरह के फास्‍टैग एनुअल पास को लेकर चर्चा शुरू की थी. देश की जनता को तब से ही इस स्‍कीम के लॉन्‍च होने का बेसब्री से इंतजार था. आज आख‍िरकार वह द‍िन आ गया जब केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया क‍ि इस योजना को देशभर में 15 अगस्‍त से लागू क‍िया जाएगा. पहले उम्‍मीद की जा रही थी क‍ि 3000 रुपये में जारी क‍िया जाने वाला फास्‍टैग एनुअल पास राष्‍ट्रीय राजमार्ग के साथ ही स्‍टेट हाइवे पर भी लागू होगा. लेक‍िन गडकरी ने अलग से एक वीड‍ियो जारी कर इसको लेकर साफ तौर पर बता द‍िया क‍ि 3000 रुपये में जारी क‍िया जाने वाला फास्‍टैग एनुअल पास नेशनल हाइवे (National Highway) और राष्‍ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) पर लागू होगा. इसका एक्‍सप्रेस वे या फ‍िर स्‍टेट हाइवे से क‍िसी तरह का संबंध नहीं होगा.

FASTag बेस्‍ड एनुअल पास क्या है और यह कैसे काम करेगा? इसकी वैल‍िड‍िटी क्या है और कार माल‍िका इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं? आइए सरकार की तरफ से जारी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्‍नों (FAQs) की ल‍िस्‍ट पर एक नजर डालते हैं:

प्रश्‍न-1- FASTag एनुअल पास क्या है? (Q1. What is the FASTag Annual Pass?)
आपकी कार के FASTag पर एक्‍ट‍िव क‍िया गया एनुअल पास (Annual Pass) प्राइवेट कार / जीप / वैन को तय राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) टोल प्लाजा से एक साल या 200 ट्र‍िप (जो भी पहले हो) तक बिना किसी शुल्‍क के फ्री में आवाजाही की अनुमति देता है. फास्‍टैग एनुअल पास 15 अगस्‍त से लागू होगा.

प्रश्‍न-2- मैं एनुअल पास कहां से खरीद सकता हूं?
फास्‍टैग एनुअल पास राजमार्गयात्रा मोबाइल एप्‍ल‍िकेशन (Rajmargyatra mobile application) और NHAI की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

प्रश्‍न-3- एनुअल पास कैसे एक्‍ट‍िव होगा?
एनुअल पास वाहन और उससे जुड़े FASTag की पात्रता की जांच के बाद ही एक्‍ट‍िव होगा. सक्‍सेस वेर‍िफ‍िकेशन होने पर यूजर को राजमार्गयात्रा मोबाइल एप्लिकेशन या NHAI वेबसाइट के जर‍िये बेस ईयर 2025-26 के लिए 3,000 रुपये का भुगतान करना होगा. पेमेंट वेर‍िफ‍िकेशन होने के बाद एनुअलग पास आपके रज‍िस्‍टर्ड FASTag पर एक्‍ट‍िव हो जाएगा.

प्रश्‍न-4- अगर मेरे पास पहले से FASTag है तो क्या मुझे एनुअल पास के लिए नया खरीदना होगा?
नहीं, इस कंडीशन में आपको नया FASTag खरीदने की जरूरत नहीं है. एनुअल पास आपके मौजूदा FASTag पर ही एक्‍ट‍िव हो जाएगा. इसके ल‍िस आपके FASTag का पात्रता मानदंडों को पूरा करता हो जैसे क‍ि यह कार की विंडशील्ड पर सही तरीके से लगा हो. साथ ही वैल‍िड व्‍हीकल रज‍िस्‍ट्रेशन नंबर से यह जुड़ा हो, यानी इसे ब्लैकलिस्ट न क‍िया गया हो.

प्रश्‍न-5- एनुअल पास में कौन से टोल प्लाजा शामिल क‍िये गए हैं?
यह पास केवल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) के टोल प्लाजा पर ही वैल‍िड होगा. एक्सप्रेसवे, राज्य राजमार्ग (State Highway) आदि पर स्थित टोल प्लाजा, जिनका मैनेजमेंट राज्य सरकार या स्थानीय निकाय की तरफ से क‍िया जाता है, वहां पर FASTag एक रेगुलर FASTag के रूप में काम करेगा और न‍ियमानुसार चार्ज लग सकता है.

प्रश्‍न-6- एनुअल पास कितने समय के लिए वैल‍िड है?
फास्‍टैग एनुअल पास एक्‍ट‍िव होने की तारीख से एक साल या 200 ट्रिप तक वैल‍िड है, जो भी पहले हो जाएगा इसकी वैल‍िड‍िटी समाप्‍त हो जाएगी. एक टोल प्‍लाजा से गुजरने को एक ट्र‍िप माना जाएगा.

प्रश्‍न-7- 200 ट्र‍िप की ल‍िम‍िट या एक साल की वैल‍िड‍िटी खत्म होने पर क्या होगा?
एक बार जब एनुअल पास से 200 ट्र‍िप या एक्ट‍िव होने की तारीख से एक साल पूरा हो जाएगा तो  यह अपने आप रेगुलर FASTag में कन्‍वर्ट हो जाएगा. एनुअल पास के फायदों को जारी रखने के लिए आपको इस पास को फ‍िर से एक्‍ट‍िव कराना होगा.

प्रश्‍न-8- क्या एनुअल पास सभी प्रकार के वाहनों के लिए उपलब्ध है?
नहीं, एनुअल पास केवल प्राइवेट नॉन-कमर्श‍ियल कार / जीप / वैन के लिए लागू होगा. किसी भी कमर्श‍ियल व्‍हीकल में इसे यूज करने पर बिना किसी प्रकार की जानकारी द‍िये इसको डी-एक्‍ट‍िवेट कर द‍िया जाएगा.

प्रश्‍न-9- क्या मैं अपने एनुअल पास को दूसरे क‍िसी वाहन पर ट्रांसफर कर सकता हूं?
नहीं. यह पास नॉन-ट्रांसफरेबल (non-transferable) है और यह केवल उसी वाहन के लिए वैल‍िड है, ज‍िस पर FASTag लगा है और रज‍िस्‍टर्ड है. इसे दूसरे वाहन पर यूज करने पर इसे डी-एक्‍ट‍िवेट कर द‍िया जाएगा.

प्रश्‍न-10-क्या मुझे FASTag को कार या जीप की विंडशील्ड पर लगाना जरूरी है?
जी हां, सालाना पास केवल रज‍िस्‍टर्ड वाहन की विंडशील्ड पर सही ढंग से लगाए गए FASTag पर ही एक्‍ट‍िव होगा.

Air India की सैन फ्रांसिस्को-मुंबई फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी, यात्रियों को कोलकाता में विमान से उतारा गया

Air India News: एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI180 निर्धारित समय के अनुसार सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट से रवाना हुई। हालांकि, कोलकाता एयरपोर्ट पर सोमवार देर रात 12:45 बजे पहुंचने पर इसके बाएं इंजन में तकनीकी खराबी आ गई। इस वजह से चार घंटे से अधिक समय बाद मंगलवार सुबह 5:20 बजे एक घोषणा की गई जिसमें सभी यात्रियों को विमान से उतरने के लिए कहा गया

नई दिल्लीः भारत में हवाई यात्रा करने वाले यात्री परेशान हैं। मंगलवार, 17 जून को कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गईं या नहीं चल पाईं। पिछले हफ्ते AI171 विमान हादसे के बाद यह समस्या और बढ़ गई है। इस हादसे में 241 लोग मारे गए थे। इसके बाद से एयरलाइन की जांच और तकनीकी जांच बढ़ गई है।

दिल्ली और मुंबई से जाने वाली कम से कम सात अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गई हैं या उन्हें अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। सैन फ्रांसिस्को से मुंबई जाने वाली एक उड़ान कोलकाता में रोक दी गई। हांगकांग से दिल्ली जाने वाली एक उड़ान को तकनीकी खराबी के कारण वापस लौटना पड़ा। अहमदाबाद से लंदन जाने वाली नई AI159 उड़ान भी रद्द कर दी गई। यह उड़ान AI171 की जगह शुरू की गई थी।

उड़ानों के रद्द होने से यात्री बहुत परेशान हैं। उन्हें आखिरी समय में सूचना मिल रही है। उनके लिए कोई अच्छा इंतजाम नहीं किया गया है। उन्हें कस्टमर सर्विस डेस्क पर बहुत देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। आज रद्द हुई उड़ानों की सूची:

फ्लाइट नंबर एयरलाइन मार्ग समय स्थिति
AI 915 एयर इंडिया दिल्ली → दुबई 16:50 रद्द
AI 153 एयर इंडिया दिल्ली → वियना 13:50 रद्द
AI 143 एयर इंडिया दिल्ली → पेरिस 13:15 रद्द
AI 159 एयर इंडिया अहमदाबाद → लंदन 13:10 रद्द
AI 165 एयर इंडिया दिल्ली → लंदन हीथ्रो 15:10 नहीं चल रही
J2 60 अज़रबैजान एयरलाइंस मुंबई → बाकू 02:25 रद्द
AI 170 एयर इंडिया लंदन गैटविक → अमृतसर 20:25 रद्द
6E 2706 इंडिगो मस्कट → दिल्ली 07:50 नागपुर की ओर मोड़ी गई